कोर्ट में बर्दाश्त नहीं की जाएगी वकीलों की ऊंची आवाज, चीफ जस्टिस ने लगाई फटकार

देश | Dec. 8, 2017, 12:06 a.m.

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नई दिल्ली (8 दिसंबर): सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हाई प्रोफाइल केस की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकीलों के ऊंची आवाज में बहस करने और कोर्ट पर धौंस जमाने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह का आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। या तो बार स्वयं इसे नियंत्रित करे या फिर मजबूरन कोर्ट को इसे नियंत्रित करना पड़ेगा। 

कोर्ट की इन टिप्पणियों को गत बुधवार को दिल्ली और केन्द्र सरकार के बीच चल रही अधिकारों की लड़ाई के दौरान वरिष्ठ वकील राजीव धवन के मुख्य न्यायाधीश से ऊंची आवाज में बहस करने और मंगलवार को अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, राजीव धवन और दुष्यंत दवे के आचरण से जोड़ कर देखा जा रहा है। अयोध्या मामले में तीनों वकीलों ने सुनवाई का विरोध करते हुए अदालत छोड़ कर जाने तक की धमकी दी थी।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ऊंची आवाज उनकी नाकाबिलियत दर्शाती है और ये भी कि वे वरिष्ठ बनने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वकील संविधान के मुताबिक ठीक सुर और भाषा का इस्तेमाल नहीं करते, तो भी कोर्ट उसे नजरअंदाज करता है लेकिन कब तक ऐसा चलेगा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर बार इसे स्वयं नियंत्रित नहीं करती तो मजबूरन कोर्ट को इसे नियंत्रित करना पड़ेगा।

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