छठ पूजा में जरूर शामिल करें ये सामान, नहीं तो पड़ेगा पछताना

देश | Oct. 21, 2017, 7:05 p.m.


नई दिल्ली (26 अक्टूबर): दिवाली के बाद सूर्य भगवान के उपासना का सबसे बड़ा त्योहार छठ आता है। आज सांझ का अर्ध्य और 27 अक्टूबर को सूर्य को सुबह का अर्ध्य के साथ ये त्योहार संपन्न होगा।

छठी मइया को खुश करने के ल‌िए कई चीजों से अर्ध्य द‌िया जाता है। इनमें से कई चीजें ऐसी है ज‌िनके ब‌िना छठ पूजा अधूरी मानी जाती।

आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में...

- छठ पूजा में बांस की टोकरी का खास महत्व होता है। इसमें अर्घ्य का सामान पूजा स्‍थल तक लेकर जाते हैं और भेंट करते हैं।

- गुड़ और गेहूं के आटे से बना ठेकुआ छठ पर्व का प्रमुख प्रसाद माना जाता है। इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।

- पूजा में गन्ना से अर्घ्य द‌िया जाता है और घाट पर घर भी बनाया जाता है।

- केला के प्रसाद के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है । छठ में केले का पूरा गुच्छा छठ मइया को भेंट क‌िया जाता है।

- हिन्दू धर्म में नारियल को सबसे शुभ फल माना जाता है और प्रत्येक शुभ कार्य और पूजा में इसका प्रयोग किया जाता है, छठ पूजा में इस फल का विशेष महत्व है।

डूबते सूर्य को अर्घ्य-   26 अक्टूबर

उगते सूर्य को अर्घ्य- 27अक्टूबर 

छठ पूजा का शुभ मुहूर्त...

छठ पूजा के दिन सूर्यादय - 06:41 बजे सुबह
 
छठ पूजा के दिन सूर्यास्त- 06:05 बजे शाम 

पैराणिक मान्यता के मुताबिक जब पांडव जुए में कौरवों से अपना सारा राज-पाट हार गए थे तब द्रौपदी ने छठ का व्रत किया था तब दौपद्री की सभी मनोकामनाएं पूरी हुईं थी। वही एक अन्य कथा के अनुसार लंका पर विजय प्राप्‍त करने के बाद रामराज्य की स्थापना के दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी यानी छठ के दिन भगवान राम और माता सीता ने व्रत किया था और सूर्यदेव की पूजा की थी।
 

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