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CBI अधिकारी ने बनवाया दोस्त का फर्जी आईडी कॉर्ड, गिरफ्तार

प्रशांत देव, नई दिल्ली (1 जून): देश की प्रीमियर जांच एजेंसी सीबीआई में अंदर ही अंदर जालसाजी का एक रैकेट चल रहा था। जिसमें सीबीआई का एक डिप्टी एसपी और क्लर्क सहित कई बाहरी लोगों की इस मामले में गिरफ्तार हुए है। सीबीआई मुख्कायालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सीबीआई की एक टीम ने सीबीआई मुख्यालय में ही छापेमारी करके अपने एक क्लर्क को गिरफ्तार किया।


मुख्यालय में क्लर्क की हैसियत से काम करने वाला सीबीआई कर्मचारी जालसाजी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई सीबीआई अधिकारियों ने ही की है। गिरफ्तार सीबीआई जालसाज का नाम गुलजारी लाल है, जिसने सीबीआई इस्पेक्टर का जाली पहचान पत्र जारी कर दिया था। जो आगे फर्जीवाड़े के लिए इस्तेमाल होना था। सीबीआई अधिकारी का फर्जी आईडेंटीटी कार्ड समीर तिवारी के नाम से जारी किया गया है। जालसाज सीबीआई कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है।


दरअसल फर्जीवाड़ें का ये मामला सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के भ्रष्टाचार और गोरखधंधे से जुड़ा हुआ है। ये मामला उस केस से जुड़ा हुआ है, जिसमें मुंबई में तैनात सीबीआई के डिप्टी एसपी नीरज अग्रवाल और उनके साथी भाष्कर तिवारी के खिलाफ अप्रैल के महीने में शिकायत की गई। सीबीआई ने मामला दर्ज करने के बाद डिप्टी एसपी नीरज अग्रवाल के साथ उसके दोस्त भाष्कर तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।


जांच में ये बात सामने आई है कि नीरज अग्रवाल सीबीआई अधिकारी होने का फायदा उठाकर कई गोरखधंधा और फर्जीवाड़े का रैकेट चला रहा था, जिसमें उसके दोस्त भाष्कर और उसके कई बाहर के साथी भी मिले हुए थे। भाष्कर तिवारी के यहां जब छापेमारी की गई तो वहां से सीबीआई के इस्पेक्टर के नाम से सीबीआई का आई कार्ड मिला। जिसे भाष्कर तिवारी समीर तिवारी बनकर इस्तेमाल कर रहा था।




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