दाऊद ‘सिक्कों’ से चला रहा है ‘डी-कंपनी’, एक ‘सिक्के’ की कीमत 6.25 लाख

क्राइम | Dec. 7, 2017, 12:37 p.m.

नई दिल्ली ( 7 दिसंबर ): भारत का सबसे बड़ा दुश्मन दाऊद इब्राहिम अब रुपये, पाउंड या डॉलर में डील नहीं कर रहा है, बल्कि दाऊद ने सिक्कों का सहारा लिया है। दाऊद अपना पूरा सिंडिकेट सिक्कों के दम पर ही चला रहा ,है क्योंकि इस सिक्के को ट्रेस करना बहुत मुश्किल है। 

क्राइम ब्रांच के गिरफ्त में दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासगर ने खुलासा किया है कि अब दाऊद और उसकी डी कपंनी रुपये, पाउंड या डॉलर में डील नहीं करता, बल्कि वो अब सबसे बर्चुअल और डिजिटल करेंसी बिटकॉइन में डील करती हैं। इकबाल कासगर ने बताया कि दाऊद इब्राहिम अब अन्र्डवल्र्ड डाॅन नहीं रहा अब वह एक ऐसा बिजनेसमैन बन गया है जो भारत के बाजार में करीब 50 करोड़ का है। 

दाऊद इब्राहिम बिटकॉइन में पैसा लगाकर 15 प्रतिशत का मुनाफा भी कमा रहा है। बिटकॉइन को साइबर क्राइम में सबसे महंगी करेंसी के रूप में जाना जाता है। 

क्या है बिटकॉइन?
बिटकॉइन एक नई इनोवेटिव डिजिटल टेक्नोलॉजी या वर्चुअल करेंसी है। इसको 2008-2009 में सातोशी नाकामोतो नामक एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने प्रचलन में लाया था।

कंप्यूटर नेटवर्कों के जरिए इस मुद्रा से बिना किसी मध्‍यस्‍थ के ट्रांजेक्‍शन किया जा सकता है। इस डिजिटल करेंसी को डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है। बिटकॉइन को क्रिप्टो करेंसी भी कहा जाता है जबकि जटिल कंप्यूटर एल्गोरिथम्स और कंप्यूटर पावर से इस मुद्रा का निर्माण किया जाता है जिसे माइनिंग कहते हैं।

जिस तरह रुपए, डॉलर और यूरो खरीदे जाते हैं, उसी तरह बिटकॉइन की भी खरीद होती है। ऑनलाइन भुगतान के अलावा इसको पारंपरिक मुद्राओं में भी बदला जाता है। 
 

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