बिहार में राज्यसभा के लिए मारा मारी

देश | Feb. 14, 2018, 12:39 p.m.


रमन कुमार, नई दिल्ली (14 फरवरी): कई राज्यों में राज्यसभा के लिए चुनाव होना है, लेकिन बिहार का राज्यसभा चुनाव दिलचस्प होने वाला है। आरजेडी से राबड़ी देवी, रघुवंश प्रसाद सिंह, शिवानंद तिवारी, मनोज झा, मंगनीलाल मंडल और जगतानंद सिंह से लेकर कई दावेदार हैं। राष्ट्रीय जनता दल को दो सीटें मिलेंगी। इनमें से एक सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के राज्यसभा जाने की चर्चा है। पिछली बार भी उनका नाम तय था, लेकिन ऐन मौके पर उनका नाम काट कर मीसा भारती को भेजा गया। इस बार वे उम्मीदवार हो सकती हैं।

दूसरी सीट के लिए चार सवर्ण नेताओं के नाम हैं। शिवानंद तिवारी से लेकर जगदानंद सिंह, रघुवंश प्रसाद सिंह और मनोज झा के नाम की चर्चा है। पर शायद ही इनमें से किसी को लालू प्रसाद राज्यसभा में भेजेंगे। किसी मुस्लिम या गैर-यादव पिछड़ा को राज्यसभा भेजे जाने की ज्यादा संभावना है। मुस्लिम नेताओं में एमए फातमी का नाम आगे है। जदयू के बागी नेता शरद यादव उम्मीद कर रहे हैं कि उनको राजद का दूसरा उम्मीदवार बनाया जा सकता है। राज्यसभा के सभापति ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी है और अदालत के आदेश से उनका मामला अभी थमा है। पिछले दिनों उन्होंने रांची जेल में लालू प्रसाद से मुलाकात की थी। तब से उनको राज्यसभा भेजे जानें की अटकल है। पर दोनों सीटों पर यादव नेता को राज्यसभा भेजने में राजद को थोड़ी हिचक है।

वहीं बीजेपी से भी बिहार में राज्यसभा की कुल छह सीटों के लिए कई दिग्गज नेताओं की दावेदारी है। दो केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और धर्मेंद्र प्रधान रिटायर हो रहे हैं। इनमें से कोई एक ही नेता बिहार से राज्यसभा का उम्मीदवार होगा और दूसरे नेता को दूसरा राज्य देखना होगा।

कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना फिफ्टी फिफ्टी है पर दावेदारी कई बड़े नेताओं की है। लोकसभा की पूर्व स्पीकर और राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रही मीरा कुमार को इस सीट का दावेदार बताया जा रहा है। उनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर शकील अहमद और पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार भी दावेदार बताए जा रहे हैं।

जदयू के चार सांसद रिटायर हो रहे हैं। इनमें से अली अनवर और अनिल साहनी के खिलाफ पार्टी ने पहले ही कार्रवाई की हुई है। इनके अलावा वशिष्ठ नारायण सिंह और किंग महेंद्र बचते हैं। कहा जा रहा है कि उद्योगपति किंग महेंद्र की जगह नीतीश कुमार केसी त्यागी को राज्यसभा भेज सकते हैं। अगर शरद यादव वाली सीट खाली हो जाती है तो बचे हुए कार्यकाल के लिए वशिष्ठ नारायण सिंह को भेजने की चर्चा है। दूसरी सीट पर किसी अतिपिछड़ा या दलित चेहरे को भेजा जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी या अशोक चौधरी में से कोई जदयू में शामिल होकर राज्यसभा जा सकते है।

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