नितिश सरकार का बड़ा फैसला, 70 हजार लोगों की नौकरी पर खतरा

देश | Dec. 7, 2017, 6:13 p.m.

अमिताभ ओझा, पटना (7 दिसंबर): बिहार में 70 हजार लोगों की नौकरी जाने की कगार पर है। ये सभी राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संविदा पर बहाल कर्मी हैं। पिछले 3 दिनों से अपने लिए ‘समान काम-समान वेतन’ की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। लेकिन अब बिहार सरकार ने इनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आर के महाजन ने इससे संबंधित आदेश भी सभी जिलों के जिलाधिकारियों और सिविल सर्जनों को जारी कर दिया है।

बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आर के महाजन ने अपने निर्देश में साफ़ कहा है कि अपने-अपने जिले के सभी हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा के विरुद्ध नए कर्मियों की बहाली की जाए। विभाग का तर्क है कि इनके हड़ताल पर जाने से राज्य की स्वास्थ्य जैसी जरुरी सेवा पर असर पड़ रहा है। महाजन द्वारा भेजे पत्र में कहा गया है कि काम का बहिष्कार करने वाले कर्मियों का पेमेंट नहीं किया जाए और उनके वर्क कॉन्ट्रैक्ट को ख़त्म करने की प्रक्रिया भी जल्द से जल्द शुरू की जाए। जो भी कोई काम पर वापस लौटने वाले शख्स को रोकने का प्रयास करेगा, या काम में बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसपर कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

आपको बता दें कि 4 दिसंबर से हड़ताल पर गए इन कर्मियों में संविदा पर बहाल नर्सिंग स्टाफ, एकाउंटेंट्स, लैब तकनीशियन और हेल्थ मैनेजर आदि शामिल हैं। इन सभी की नियुक्ति नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत की गई थी। सोमवार से ही हड़ताल पर गए इन कर्मियों की वजह से राज्य की स्वास्थ्य सेवा पर बुरा असर पड़ा है। कई जिलों से PHC समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों की चिकित्सा बंद होने की ख़बरें आ रही हैं। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल से वापस नही आये तो उनकी जगह नई नियुक्ति की जाएगी।

दूसरी तरफ राज्य सरकार के इस रुख पर हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों ने भी कड़े तेवर अपना लिए हैं। हड़ताली कर्मियों के संगठन के एक अधिकारी ने इस आदेश को सरकार का तानाशाही रवैया बताया है। साथ ही आंदोलन को आगे और तेज करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि सरकार के इस आदेश के बाद सभी हड़ताली कर्मी सामूहिक रूप से भूख हड़ताल पर जायेंगे और जरुरत पड़ी तो आत्मदाह भी करेंगे। संगठनों ने धमकी दी है कि इस आदेश के बाद वो किसी भी सरकारी अस्पताल में काम नहीं होने देंगे। इस दौरान अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए बिहार सरकार जिम्मेवार होगी।
 

Related news

Don’t miss out

News