भारत-चीन मतभेद को न दें विवाद का रूप, पहले भी निपटाए जा चुके हैं ऐसे मामले- एस जयशंकर

सिंगापुर (11 जुलाई): सिक्किम में सरहद पर जारी भारत और चीन की तनातनी पर विदेश सचिव एस जयशंकर ने बड़ा बयान दियाहै। सिंगापुर में उन्होंने कहा कि भारत-चीन के बीच जारी मतभेद को विवाद का रुप न दें। साथ ही उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे विवाद सुलझाए जा चुके हैं।


सिंगापुर में विदेश सचिव एस जयशंकर ने चीन के साथ सिक्किम गतिरोध पर कहा कि हम पहले इस तरह के सीमा विवादों से निपट चुके हैं और इसलिए उनको कोई ऐसा कारण नहीं दिखाई दे रहा कि इस बार हम इस विवाद से नहीं निपट पाएंगे। उन्होंने कहा कि आज भारत-चीन संबंध वास्तव में बहुमुखी हैं।


विदेश सचिव ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत और चीन के रिश्ते स्थिरता के कारक हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अपने रिश्तों में असहमतियों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए। विदेश सचिव ने यह भी कहा कि ये केवल भारत और चीन का निजी मामला नहीं है बल्कि इस मामले में एशिया समेत पूरा विश्व रूचि रखता है। वैश्विक अनिश्चितता के समय में, भारत और चीन के संबंध स्थिरता का प्रतीक हैं।


गौरतलब है कि सिक्किम के डोकलाम इलाके में विवाद चीनी सेना द्वारा सड़क बनाने के प्रयास से शुरु हुआ था। यह इलाका भारत,चीन और भूटान का मिलन बिंदु है। भारत इस क्षेत्र को डोका ला कहता है। भूटान इसे डोकलाम कहता है। जबकि चीन इसे अपने डोगलांग क्षेत्र का हिस्सा बताता है। तीनों देशों द्वारा इस इलाके का अलग नाम देने का सांकेतिक महत्व है।

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