अगर पाकिस्तान ने नहीं मांगी ICJ की बात तो उसका होगा ये हाल...

हेग ( 18 मई ): अंतरराष्ट्रीय कोर्ट  यानी ICJ में एकबार फिर भारत को बड़ी जीत मिली है। ICJ ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। दोनों देशों की दलीलें सुनने के बाद हेग स्थित ICJ भारत के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जाधव की फांसी पर अंतिम फैसला आने तक रोक लगा दी है। 11 जजों की बैंच के सदस्य जस्टिस रॉनी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जब तक इस मामले में अंतिम फैसला नहीं आता तब तक फांसी पर रोक लगी रहेगी। साथ ही अदालत ने कहा कि अगर पाकिस्तान यह फैसला नहीं मानता है तो उस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।


कोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को काउंसर एक्सेस दे ताकी वो कानूनी मदद ले सके। इसके बाद अब भारतीय उच्चायुक्त कुलभूषण से मिल सकेंगे। कोर्ट के फैसले के चलते अगस्त में जाधव को दी जाने वाली फांसी पर रोक लग गई है।

उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों वियना संधि से बंधे हैं और भारत ने इसी के तहत अपील की है। कुलभूषण को गिरफ्तार करना विवादित मुद्दा है। जस्टिस रॉनी ने पाक के दावे का खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट को मामले की सुनवाई का अधिकार है।


कोर्ट ने भारत के पक्ष को मानते हुए कहा कि भारत ने कुलभूषण को अपना नागरिक माना और उससे मिलने की अपील की लेकिन पाकिस्तान कुलभूषण को कउंसलर हेल्प देने में असफल रहा। कुलभूषण को कानूनी मदद मिलनी चाहिए। वियना संधि के तहत आतंक और जासूसी के मामलों की सुनवाई कर सकती है कोर्ट।

केर्ट ने आगे कहा कि जाधव को जासूस बताने का दावा सही नहीं है। पाकिस्तान ने इस बात का आश्वासन नहीं दिया है कि वो मामले में अंतिम सुनवाई से पहले जाधव को फांसी नहीं देगा।


इससे पहले सुनवाई के दौरान और पाक ने अपने-अपने पक्ष रखे। भारत ने आशंका जताई थी कि उसे जाधव से मिलने नहीं दिया जा रहा और इस बात का कोई भरोसा नहीं कि पाकिस्तान जाधव को कब मार देगा।

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