ICJ में भी ना'पाक' हरकत, जाधव को बताया दोषी, भारत पर ही मढ़े आरोप

नई दिल्ली (15 मई): अगर किसी की फिदरत ही ना'पाक' और शैतानी हो तो आप क्या कहेंगे। ऐसा ही कुछ पाकिस्तान का है। पाकिस्तान हर वक्त अपनी शैतानी हरकतों पर पर्दा डालने में लगा रहता है। वो ये सब उस वक्त भी करता है जबकि उसे पता है कि दूनिया उसकी बातों पर ऐतवार नहीं करता।


कोर्ट ऑफ जस्टिस यानी ICJ में कुलभूषण जाधव मामले में सुनवाई के वक्त भी ऐसा ही कुछ हुआ। पाकिस्तान ने ICJ में बिना सबूतों के पुरानी बातें ही दोहराईं। वियेना समझौते के उल्लंघन को लेकर लग रहे आरोपों को नकारते हुए पाकिस्तान ने एक बार फिर दावा किया कि भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था और उसने भारत के साथ सबूत साझा करने के साथ ही जांच में शामिल होने की अपील की गई थी। कुलभूषण को राजनयिक पहुंच देने से अपने 16 बार इनकार किए जाने पर पाकिस्तान ने कहा कि जाधव इसके योग्य नहीं। पाकिस्तान ने भारत के साथ सबूत साझा करने का भी झूठा दावा किया। पाकिस्तान ने कहा कि जांच की डीटेल्स मुहैया कराए जाने के बाद भी भारत ने चुप्पी साधे रखा और कोई जवाब नहीं दिया।


दलील शुरू करने से पहले ही पाकिस्तान को उस समय बड़ा झटका लगा जब कोर्ट ने उसे कुलभूषण जाधव के कथित कबूलनामे वाला विडियो चलाने से रोक दिया, जबकि वह इसे अपना सबसे बड़ा 'सबूत' बताता रहा है। भारत और पाकिस्तान ने अपना-अपना पक्ष रख दिया है और अब नजर कोर्ट के फैसले पर है।


भारत के आरोपों से बौखलाए पाकिस्तान ने कहा कि कुलभूषण जाधव के मामले को ICJ में लाना ही गलत है। पाकिस्तान ICJ का ही दायरा सीमित करते हुए कहा कि यह आपराधिक मामलों की सुनवाई नहीं करता। पाकिस्तान के काउंसिल क्यूसी खावर कुरैशी ने कहा कि जाधव को बलूचिस्तान में गिरफ्तार किया गया उसने ईरान के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश किया था। कुलभूषण जाधव के पास राजनयिक पहुंच की योग्यता नहीं। वियेना समझौता ऐसे जाजूस पर लागू नहीं होता, जो आंतकी गतिविधियों में शामिल रहा हो।


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