ब्रिटेन ने रूस के 23 राजनयिकों को किया निष्काषित, सभी उच्चस्तरीय संपर्क भी किए खत्म

नई दिल्ली ( 14 मार्च ): पूर्व डबल एजेंट को जहर देने के मामले में ब्रिटेन ने रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने इस आरोप में रूस के 23 राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। साथ ही मॉस्को के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय संपर्क भी निलंबित कर दिया है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह पूर्व रूसी जासूस सर्गई स्क्रेपल और उनकी बेटी यूलिया जहर दिए जाने के बाद बेहोश हो गए थे। फिलहाल दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि रूस ने पूर्व जासूस और उनकी बेटी की हत्या के प्रयास में अपनी संलिप्तता से इंकार किया है। थेरेसा मे ने ब्रिटेन संसद में कहा कि राजनयिकों के पास जाने के लिए एक हफ्ता बचा है, क्योंकि वियना सम्मेलन में यूके उन सभी को निष्काषित कर देगा।

इतना बड़ा निष्काषन ब्रिटेन ने तीस साल बाद किया गया है। थेरेसा मे का मानना है कि इस फैसले का रूस पर काफी असर होगा। ब्रिटेन में मौजूद रूसी सरकार की संपत्ति को जब्त करने की बात भी कही जा रही है। थेरेसा मे ने कहा, 'हम ब्रिटेन में मौजूद रूस की उन सब संपत्तियों को भी जब्त कर लेंगे, जहां हमें ऐसे सबूत मिलेंगे कि उनका इस्तेमाल यूके के नागरिकों और लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए हो रहा है।' 

ब्रिटेन का आरोप है कि पूर्व डबल एजेंट सर्गेइ स्क्रिपल को जहर देकर उनकी हत्या की कोशिश के पीछे रूस का हाथ हो सकता है। थेरेसा मे ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा कि सर्गई स्क्रेपल और उनकी बेटी की‘ हत्या के प्रयास’ के लिए रूसी सरकार जिम्मेदार है। इस मामले में रूस लगातार कहता रहा है कि मॉस्को जांच में सहयोग करने को लेकर खुला रुख अपना रहा है। 

ब्रिटेन के फैसले के बाद रूस ने कहा कि वे जल्द ही जवाबी कार्रवाई करेंगे। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा, ‘ब्रिटिश सरकार ने टकराव का विकल्प चुना। हमारी प्रतिक्रिया धीमी नहीं होगी।

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