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70 साल में देश ने झेली ये 10 बड़ी त्रासदियां


नई दिल्ली (13 अगस्त):
देश आजादी की 70वीं वर्षगांठ मना रहा है। अग्रेजों के जाने के बाद देश ने काफी तरक्की भी की, लेकिन इन 70 सालों में देश के सामने ऐसी त्रासदी भी उत्पन्न हुई जिससे उबरने में हमें काफी वक्त लगा। हालांकि देश इन सभी परेशानियों से आगे निकलकर एक बार फिर खड़ा हुआ और विकास की गति को निरंतर आगे बढ़ाता रहा।

पिछले 70 वर्षों में देश ने कई प्राकृतिक आपदाओं को झेला है, लेकिन हम उनमें से 10 आपके लिए चुनकर लाए हैं।

1. भुज भूकंप 2001
भुज (गुजरात) में 26 जनवरी 2001 को उस समय जबरदस्त भूकंप आया जब देशभर में 52वें गणतंत्र दिवस की परेड की तैयारियां हो रही थीं। सुबह 8.26 बजे आए 7.7 तीव्रता के इस भूकंप में करीब 20 हजार लोगों की जान चली गई थी, जबकि 1 लाख 65 हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

2. केदारनाथ त्रासदी 2013
16 जून 2013 को आए जल प्रलय ने कम से कम 5700 लोगों की जान चली गई, जबकि अब भी हजारों लोग लापता हैं।

3. कश्मीर बाढ़ 2014
सितंबर 2014 में भारी बरसात के बाद जम्मू-कश्मीर में खासकर घाटी इलाके में आई जबरदस्त बाढ़ ने भारी नुकसान किया। इस बाढ़ में करीब 500 लोगों की मौत हो गई थी।

4. लातूर भूकंप 1993
महाराष्ट्र के लातूर में 30 सितंबर 1993 को तड़के 3.56 बजे आए भूकंप में करीब 10 हजार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 30 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। यही नहीं 52 गांव तो पूरी तरह से तबाह हो गए थे।

5. मुंबई बाढ़ 2005
26 जुलाई 2005 को आर्थिक राजधानी मुंबई में आसमान से गिर रही बूंदों ने समूचे मुंबई शहर को डुबा दिया था। इस बाढ़ में करीब 1100 लोगों की अकाल मौत हो गई थी।

6. हिंद महासागर सुनामी 2004
26 दिंसबर 2004 को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार रात 00:58:53 बजे इंडोनेशिया में सुमात्रा द्वीप के पश्चिमी छोर पर 9.2 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप की वजह से हिंद महासागर में सुनामी की जबरदस्त (100 फीट तक) लहरें उठीं। इस सुनामी के कारण 14 देशों में करीब ढाई लाख लोगों की जान चली गई थी।

7. ओडिशा में महाचक्रवात 1999
अक्टूबर 1999 में आया यह महाचक्रवात में उत्तरी हिंद महासागर में आए सबसे खतरनाक और नुकसानदायक चक्रवातों में से एक था। इस चक्रवात में 10 हजार लोगों की एसमय मौत हो गई थी।

8. बिहार की कोसी बाढ़ 2008
नेपाल के रास्ते बिहार में आने वाली कोसी बाढ़ के लिए पहले से ही बदनाम है। इसीलिए कोसी को बिहार को शोक भी कहा जाता है। साल 2008 में कोसी ने अपना ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि यह आधुनिक युग की सबसे भयावह बाढ़ों में से एक थी।

9. चमोली भूकंप 1999
29 मार्च 1999 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश (उत्तराखंड) के चमोली में भयंकर भूकंप आया। 6.8 तीव्रता के इस भूकंप ने पहाड़ी इलाके को बुरी तरह से झकझोर कर रख दिया। यह भूकंप हिमालय में पिछले 90 वर्षों का सबसे खतरनाक और तेज भूकंप था। इस भूकंप में कम से कम 103 लोगों की जान चली गई थी और 50 हजार से ज्यादा घर तबाह हो गए थे।

10. महाराष्ट्र का सूखा और अकाल 1972
महाराष्ट्र के लिए सूखे के हालात से जूझना कोई नई बात नहीं है। राज्य के कई जिलों और तालुकाओं में लगभग हर दूसरे-तीसरे साल सूखे जैसे हालात होते हैं। लेकिन साल 1972-73 की बात ही अलग है। यह वह समय था जब सूखा किसी खास तालुका या जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरा का पूरा राज्य सूखे की चपेट में आ गया था। यह सूखा और अकाल इतना भयंकर था कि इसे भारत के इतिहास में सबसे भीषण सूखे और अकालों में से एक गिना जाता है।

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