दिल्ली: पकड़ी गईं 7 नौकरानियां, एक करोड़ रुपये की गोल्ड-डायमंड ज्वैलरी बरामद

देश | Nov. 30, 2017, 9:46 a.m.

नई दिल्ली(30 नवंबर): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक गिरोह की 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं घरों में मेड की नौकरी करने के बहाने चोरी और सेंधमारी की कई वारदातों को अंजाम दे चुके गिरोह का हिस्सा हैं। 

- उनके पास से पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये की गोल्ड और डायमंड ज्वैलरी भी बरामद की है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, हौज खास और मियांवाली नगर थाने में दर्ज चोरी के तीन मामलों में 100 पर्सेंट जूलरी इनके पास से रिकवर हुई है।

- इस गिरफ्तारी से ग्रेटर कैलाश, राजौरी गार्डन, मंगोलपुरी, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, सरिता विहार, हौज खास, मियांवाली नगर और नोएडा में दर्ज चोरी के 9 केस भी सॉल्व हो गए हैं। इनमें से 5 मामलों की जांच क्राइम ब्रांच ही कर रही थी। खास बात यह थी कि इस गिरोह की महिलाएं ज्यादातर दिल्ली-एनसीआर के पॉश इलाकों में स्थित कोठियों और फ्लैट्स में ही मेड की नौकरी करती थीं। यहां मालिकों का भरोसा जीतने के बाद चंद दिनों के अंदर घर में चोरी की वारदात को अंजाम दे डालती थीं।

- डीसीपी (क्राइम) डॉ. रामगोपाल नाईक के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में एक के बाद एक घरों में चोरी और सेंधमारी की कई वारदातें सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच की टीमें ऐसे 5 मामलों की छानबीन में जुटी थीं। पिछले दिनों एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गाजीपुर बस डिपो के पास रेड डालकर गिरोह की 5 महिला सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि गिरोह की 2 महिला सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

- सभी महिलाएं बिहार के भागलपुर जिले की रहने वाली हैं। पूछताछ में पता चला कि महिलाएं 2-2 के ग्रुप में घरों में मेड का काम करती थीं। शुरुआत में ये अच्छा काम करके मालिक को इंप्रेस कर लेती थीं। फिर एक किसी बहाने पीड़ित परिवार के सदस्यों का ध्यान बंटा लेती थीं। ध्यान बंटते ही दूसरी महिला अलमारियों के ताले खोलकर उनमें से कीमती सामान, कैश, जूलरी आदि चुरा लेती थीं। चोरी कर ये नौकरानियां माल को साड़ी के पल्लू या शॉल में छुपाकर निकल जाती थीं।

- पुलिस ने जब कुछ मामलों की जांच की और सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, तो उनमें कुछ चेहरे कॉमन पाए गए। पूछताछ में यह भी पता चला कि इन महिलाओं को असली और नकली गहनों की इतनी अच्छी पहचान थी कि चोरी के दौरान वे केवल असली जूलरी ही चुराती थीं। चोरी का माल भी ये बिहार के रहने वाले एक जूलर के जरिए ठिकाने लगाती थीं, क्योंकि इन्हें लगता था कि अगर उन्होंने दिल्ली में चोरी का माल बेचने की कोशिश की, तो वे पकड़ी जाएंगी।
 

Related news

Don’t miss out

News