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ISIS के लिए जुटाते थे फंड, कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा

नई दिल्ली(21 अप्रैल): आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए पैसा जुटाने और लोगों को संगठन में शामिल करने की आपराधिक साजिश रचने के मामले में दो लोगों को एक विशेष अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है।


- भारत में ऐसा पहली बार हुआ है कि आईएसआईएस से जुड़े किसी मामले में लोगों को सजा मिली है।


- जम्मू-कश्मीर के रहने वाले आरोपी अजहर उल इस्लाम (24) और महाराष्ट्र के निवासी मोहम्मद फरहान शेख (25) के खिलाफ अदालत द्वारा आरोप तय करने और इसके महीनेभर बाद दोनों आरोपियों के अपने किए पर खेद जताने के बाद जिला न्यायाधीश अमरनाथ ने उन्हें दोषी करार दिया।


- आरोपियों ने अधिवक्ता एमएस खान के जरिए दिए आवेदन में कहा कि उन दोनों को अपने किए पर पछतावा है। इससे पहले उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं तथा समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, दोनों पुर्नवास चाहते हैं।


-  याचिका में कहा गया कि आवेदनकर्ता बिना किसी दबाव, डर और किसी के प्रभाव में आए बगैर अपना दोष स्वीकार करते हैं।


- अदालत ने पिछले माह दोनों आरोपियों और 36 वर्षीय अदनान हसन के खिलाफ आईएसआईएस के लिए पैसा जुटाने और लोगों को इस संगठन में शामिल करने की आपराधिक साजिश रचने के मामले में आरोप तय किए थे।


-  हसन के खिलाफ मामला इसी अदालत के समक्ष अलग से चल रहा है।


- अदालत ने भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत आपराधिक साजिश के आरोपों तय किए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल 28 जनवरी को तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अबु धाबी से लौटने के अगले ही दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।



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